रक्षाबंधन पर्व पर हमें गर्व
संगीता सूर्यप्रकाश मुरसेनिया
भोपाल (मध्यप्रदेश)
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देखो-देखो सावन मास।
पूर्णिमा दिवस आया।
रक्षाबंधन पर्व संग लाया।
अपार हर्ष रक्षाबंधन पर्व पर।
प्रति भारतीय उर होता।
अपार गर्व।
रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास।
सहित मनाते बहन-भाई।
बहन भाव स्नेह धागे की ।
राखी बांधे भाई को रोली-अक्षत।
तिलक लगाकर कर नारियल।
माथे वसन डाल दीर्घायु ।
कामना अभिलाषा करें।
भाई अपनी बहन को।
आशीर्वाद देवे सदा रक्षा करने।
अरू खुश रहने का भाई प्रतिवर्ष।
प्रतिक्षा करे रक्षाबंधन पर्व पर।
बहन का भाई गृह आना।
भाई-भाभी प्रतिवर्ष बहन का।
वंदन अरू अभिनन्दन।
करते हर्ष संग मनाते रक्षाबंधन।
पर्व और करते गर्व।
ऐसा आता रक्षाबंधन पर्व।
परिचय :- श्रीमती संगीता सूर्यप्रकाश मुरसेनिया
निवासी : भोपाल (मध्यप्रदेश)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक...

























