हिंदी भाषा
रशीद अहमद शेख 'रशीद'
इंदौर (मध्य प्रदेश)
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हिंदी का गुणगान निरन्तर,
करता रहता है जग सारा।
जय बोलो हिंदी भाषा की,
हिंदी से सम्मान हमारा।
कोटि-कोटि कंठों को प्यारी,
बिटिया है वैदिक भाषा की।
हिंदी तो सस्वर प्रतिमा है,
भारत माँ की अभिलाषा की।
देवनागरी लिपि है अनुपम,
सरल व्याकरण इसका न्यारा।
जय बोलो हिंदी भाषा की,
हिंदी से सम्मान हमारा।
ब्रज, अवधी या बुन्देली हो,
अथवा कन्नोजी हो बोली।
मुखरित होती हैं भारत में,
हिंदी की हैं सब हमजोली।
भारत के जन-जन ने इसको,
अपनाया है बहुत दुलारा।
जय बोलो हिंदी भाषा की,
हिंदी से सम्मान हमारा।
दूर देश में भी हिंदी ने,
विजय पताका फहराई है।
कहाँ नहीं हिंदी की महिमा,
कहाँ नहीं हिंदी छाई है।
सभी दिशाएँ हुईं साक्षी,
गूँज रहा हिंदी का नारा।
जय बोलो हिंदी भाषा की,
हिंदी से सम्मान हमारा।
परिचय - रशीद अहमद शे...






















