सहिष्णुता
मंजिरी "निधि"
बडौदा (गुजरात)
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देखो आज खड़ा है
भारत अविचल अखंड,
सभी धर्मों का यह
कहलाता सुंदर खंड।
मुश्किल जब आये धड़ी
देते सभी मिलकर साथ,
गीता कुरान बाइबिल
को सभी लगाते माथ।
भक्ति रंग में रंगा हुआ
है सुखों का सार,
सभी मदद करते रहें
यहीँ सकल आधार।
धर्म सभी सिखा रहे
मानवता उत्थान,
राष्ट्र प्रेम हम सभी करें
बुराई का अवसान ल
चलें सत्य की राह में
पाप कपट सब छोड़,
करते कर्म हम हैं सदा
नात प्रेम का जोड़ ल
सभी धर्मों को लेकर
चलना यही हमारी शान,
देश एकता और सहिष्णुता
है सब एक समान ल
सर्व धर्म समभाव है
लोकतंत्र का मूल,
मूल मंत्र को धारिये
सुमन बनें हर शूल।
हरा रंग अरु केसरी
ओतप्रोत यह देश,
हर धर्म का यहाँ
भिन्न है परिवेश ल
आज हमारे देश में
कोरोना की मार,
सभी एक जुट हो गये
निकले कोई सार l
सच बात मैं यहीँ कहूं
रहना दो गज दूर,
हम सब एक साथ है
मिले सफलता जरूर l
परिचय :- मं...
























