कर्ज प्यार का
ममता रथ
निवासी : रायपुर
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सूरज की किरणें आई तो
फूलों की पंखुड़ियों को खोला
धरती का रस पी
फूलों ने ये बोला
कर्ज तुम्हारे स्नेह का
वापिस किस्तों में देंगे हम
खुशबु से अपने
इस गुलशन को महकाते रहेंगे हम
धीरे से मुस्कुरा कर धरती बोली
बेटे बहुत बड़ी बात कही
तेरी इसी सोच ने कर्ज प्यार का
चुका दिया सभी
तेरे ही कारण तो मुझे मिलता है
रंग बिरंगे लिबास सभी
परिचय :- ममता रथ
पिता : विद्या भूषण मिश्रा
पति : प्रकाश रथ
निवासी : रायपुर
जन्म तिथि : १२-०६-१९७५
शिक्षा : एम ए हिंदी साहित्य
सम्मान व पुरस्कार : लायंस क्लब बिलासपुर मे सम्मानित, श्री रामचन्द्र साहित्य समिति ककाली पारा रायपुर २००३ में सांत्वना पुरस्कार, लोक राग मे प्रकाशित, रचनाकार में प्रकाशित
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