प्रवासी दुनिया
संजय वर्मा "दॄष्टि"
मनावर (धार)
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समुंदर का नीलापन
आकाश का नीलापन
उड़ रहे क्रेन पक्षी
एक नया रंग
दे रहे प्रकृति को।
सुंदरता दिन को
दे रही सौंदर्यबोध
रात में ले रहा
समुंदर करवटे
लहरों की।
तारों का आँचल ओढ़े
चंद्रमा की चाँदनी
निहार रही समुंदर को
क्रेन पक्षी सो रहे
जाग रहा समुंदर।
मानों कह रहा हो
प्रवास की दुनिया
पर जाने से ही
दुनिया और भी
सुंदर लगती है।
परिचय : संजय वर्मा "दॄष्टि"
पिता : श्री शांतीलालजी वर्मा
जन्म तिथि : २ मई १९६२ (उज्जैन)
शिक्षा : आय टी आय
निवासी : मनावर, धार (मध्य प्रदेश)
व्यवसाय : ड़ी एम (जल संसाधन विभाग)
प्रकाशन : देश-विदेश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ व समाचार पत्रों में निरंतर पत्र और रचनाओं का प्रकाशन, प्रकाशित काव्य कृति "दरवाजे पर दस्तक", खट्टे मीठे रिश्ते उपन्यास कनाडा-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व क...















