आज फिर जन्म जाओ ना राम
माधुरी व्यास "नवपमा"
इंदौर (म.प्र.)
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सुना है, त्रेता जब तुम जन्मे थे,
पुलकित हो उठा था, पूरा राज्य!
आज कोई नया करिश्मा करके,
संताप को मिटा जाओ ना राम।
तो आज फिर जन्म जाओ ना राम!
यहाँ कैसा भय व्याप्त है,
देखो!हर तरफ हा हाकर है।
हर इंसान शंका से जार है,
भव-भय हरण करो ना राम।
तो आज फिर जन्म जाओ ना राम!
दुष्टों की दुर्मति पुष्ट हुई है,
निज स्वार्थ की लूट-मार मची है।
संवेदना क्षत-विक्षत हो रही है,
आओ सुकून दे जाओ ना राम।
तो आज फिर जन्म जाओ ना राम!
समाज की समरसता पिटी है,
आज वह कैसी विषाक्त हुई है।
अवसाद से देखो भक्त दुखी है,
मनुज के विषाद मिटाओ ना राम।
तो आज फिर जन्म जाओ ना राम!
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परिचय :- माधुरी व्यास "नवपमा"
निवासी - इंदौर म.प्र.
सम्प्रति - शिक्षिका (हा.से. स्कूल में कार्यरत)
शैक्षणिक योग्यता - डी.एड ,बी.एड, एम.फील (इतिहास), एम.ए. (हिंदी साहित्य)
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