अनमोल भाव
किरण विजय पोरवाल
सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
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कवि की
कविता को जाने,
कवि की
भावना पहचाने,
चिन्तन की
गहराई जाने,
मनन की एक
सोच पहचाने।
आकाश सी
ऊँचाई जाने,
पंछी सी
उडा़न है उसकी।
एकाग्रता का
ध्यान है उसमे,
ज्ञान और
विज्ञान है उसमें,
धर्म और समाज का
बोध है उसमे,
ज्वालामुखी सा
विस्फोट है उसमें।
नदी सा
बहाव है उसमें,
चक्रव्यू सी
रचना है उसमें।
तोलमोल के
तराजू मे तोल,
आग मै तपकर
सोना बनता अनमोल।
परिचय : किरण विजय पोरवाल
पति : विजय पोरवाल
निवासी : सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
शिक्षा : बी.कॉम इन कॉमर्स
व्यवसाय : बिजनेस वूमेन
विशिष्ट उपलब्धियां :
१. अंतर्राष्ट्रीय साहित्य मित्र मंडल जबलपुर से सम्मानित
२. अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना उज्जैन से सम्मानित
३. राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच इंदौर द्वारा "साहित्य शिरोमणि अंतर्राष्ट...





















