ताड़व
डॉ. राजीव डोगरा "विमल"
कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
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मृत्यु तुम क्यों
आ रही हो
यू क्यों बार-बार
मुस्कुरा रही हो?
क्या प्रलय करता हुआ
जल तुमको भाँता है?
क्या सड़ती हुई
लाशें तुम्हें सुकून देती है?
क्या तुमको कभी
किसी ने पुकारा है?
क्या तुमको कभी
किसी ने ठुकराया है?
किस क्रोध में
तुम बरस रही?
किस दर्द में तुम
तूफा बन बहक रही?
क्या देवों की भूमि में
आ बसे है राक्षस?
तुम जिनका अब
नरसंहार कर रही?
परिचय :- डॉ. राजीव डोगरा "विमल"
निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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