घर में बैठी ईद
रशीद अहमद शेख 'रशीद'
इंदौर (मध्य प्रदेश)
********************
तालाबन्दी हो गई, घर में बैठी ईद।
कोरोना ने कर दिए, लाखों लोग शहीद।
कोरोनावश हो गया , मेले पर प्रतिबंध।
चिमटे का कैसे करे, बालक महा प्रबंध।
मुनिया रोती ही रही, सिले नहीं परिधान।
कोरोना से ईद पर, लुप्त हुई मुस्कान।
सन्नाटा पसरा रहा, घर-आँगन के पास।
आया कोई भी नहीं, परिजन रहे उदास।
एक अकेली ईद क्या, मौन सभी त्योहार।
कोरोना के वार से, पीड़ित है संसार।
कोरोना में ईद है, बंदिश है हर देश।
मोबाइल द्वारा सभी, भेज रहे संदेश।
घर सूना-सूना लगे, बिटिया बिना 'रशीद'।
बिटिया है तो पर्व है, बिटिया है तो ईद।
परिचय - रशीद अहमद शेख 'रशीद'
साहित्यिक उपनाम ~ ‘रशीद’
जन्मतिथि~ ०१/०४/१९५१
जन्म स्थान ~ महू ज़िला इन्दौर (म•प्र•) भाषा ज्ञान ~ हिन्दी, अंग्रेज़ी, उर्दू, संस्कृत
शिक्षा ~ एम• ए• (हिन्दी और अंग्रेज़ी साहित्य), बी• एससी•, बी• एड•, एलएल•बी...

























