में इतिहास हूं
रमेश चौधरी
पाली (राजस्थान)
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मुझे ऐसे ही नहीं याद किया जाता,
में इतिहास हूं।
मैने शूरवीरों के रक्त से,
सिचा है इस इतिहास को।
में अफवाहों का पुंज नहीं,
सत्य घटनाओं का कुंज हूं।
मुझे ऐसे ही नहीं याद किया जाता,
में इतिहास हूं।
में उन पड़ावों ओर कोरवो की
गाथा का बखान करता हूं।
में उन यशोदा के लाल की
गीता का बखान करता हूं।
मुझे ऐसे ही नहीं याद किया जाता,
में इतिहास हूं।
मैने महान शासक चंद्रगुप्त मौर्य को,
राज सिहासन पर बैठते हुए देखा है।
मैने सिकंदर को,
शुरवीरो की धरती से,
वापस लौटते हुए देखा है।
मुझे ऐसे ही नहीं याद किया जाता,
मे इतिहास हूं।
मैने मेवाड़ के शेर से,
अकबर को धूल चाटते हुए देखा है।
मैने रानी पद्मिनी की चतुराई से,
अलाउद्दीन खिलजी की मूर्खता को देखा है।
मुझे ऐसे ही नहीं किया जाता,
में इतिहास हूं।
आजाद की गोली से,
गौरो को डरते हुए देखा है।
मैने गांधीजी की लाठी...

























