शूरवीर अहीर
नफे सिंह योगी
मालड़ा सराय, महेंद्रगढ़ (हरि)
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वीर अहीरों बढ़े चलो,
मत पीछे कदम हटाणा।
जिसने मां का आंचल छुआ,
उसको सबक सिखाणा।।
भारत मां की सरहद पर,
हंस-हंसकर प्राण खपा देंगे।
भारत मां के चरणों में,
दुश्मन की लाशें बिछा देंगे।
उल्टा कदम हटाएंगे ना,
खून की नदी बहा देंगे।
दुश्मन को सबक सिखा देंगे,
मत उल्टा मुड़के आणा।
जिसने मां का आंचल छुआ,
उसको सबक सिखाणा।
बणा खून की मेहंदी भारत,
मां के हाथ सजा देंगे।
दुश्मन की गोली के आगे,
सीना ताण लगा देंगे।
इन वीर अहीरों की ताकत का,
हम एहसास करा देंगे।
गर्दन उतार दिखा देंगे,
ऐसा मौका फेर नहीं आणा।
जिसने मां का आंचल छुआ,
उसको सबक सिखाणा।।
म्हारे खातिर देश की सिमा,
मां, बाप, बहन और भाई है।
पूर्वजों ने इसके ऊपर,
अपणी जान गवाई है।
इसकी रक्षा करने खातिर,
हम सब ने कसम उठाई है।
ना गर्दन कभी झुकाई है,
चाहे बेशक कट जाणा।
जिसने मां का आं...





















