जय छठ महारानी
भारत भूषण पाठक
धौनी (झारखंड)
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जय, जय, जय छठ महारानी।
महिमा तोरी को न जानी।।
जन के काया निर्मल कर दीजे।।
माँ भारती के कष्ट हर लीजे।।
जय, जय, जय छठ महारानी।
संकट हरणी, जगत संचालिनी।।
प्रथम दिवस को नहाये-खावै।
कद्दू-भात का भोग लगावै।।
द्वितीय दिवस खरना आवै।
खीर मातु को भोग लगावे।।
तृतीय दिवस पूजन का आवे।
अस्तांचल सूर्य को अर्घय चढ़ावे।।
चतुर्थ दिवस उदित सूर्य को।
डाला छठ नाम यशगान को।।
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लेखक परिचय :-
नाम - भारत भूषण पाठक
लेखनी नाम - तुच्छ कवि 'भारत '
निवासी - ग्राम पो०-धौनी (शुम्भेश्वर नाथ) जिला दुमका(झारखंड)
कार्यक्षेत्र - आई.एस.डी., सरैयाहाट में कार्यरत शिक्षक
योग्यता - बीकाॅम (प्रतिष्ठा) साथ ही डी.एल.एड.सम्पूर्ण होने वाला है।
काव्यक्षेत्र में तुच्छ प्रयास - साहित्यपीडिया पर मेरी एक रचना माँ तू ममता की विशाल व्योम को स्थान मिल चुकी है काव्य प्रतियोगिता में।
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