तुम अब वापस आओ
अंकुर सिंह
चंदवक, जौनपुर, (उत्तर प्रदेश)
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(यहां लड्डू एक छोटा बालक है, जो माता-पिता से एक अनुरोध कर रहा है कि उसके खातिर अपने रिश्ते कभी ना तोड़े)
मम्मा तुम अब वापस आओ,
अपने लड्डू को गले लगाओ।
अगर हुई है पप्पा से तू-तू, मैं-मैं,
उससे तुम मुझे ना बिसराओं।।
पप्पा माफी मांगे तो माफ करना,
आंख दिखा उनको सचेत करना।
आपसी झगड़े में मम्मा-पप्पा,
अपने लड्डू को भूल ना जाना।।
पप्पा ने कहा यदि कुछ मम्मा को,
या मम्मा ने कुछ कहा पप्पा को।
भूल कहासुनी में कही बातों को,
प्यार देना अपने इस लड्डू को।
मम्मा पप्पा आपसी झगड़ों से,
मैं होऊंगा एक प्रेम से वंचित।
मां मैं हूं आप दोनों का लड्डू ,
क्यों रहूं फिर प्रेम से बंधित।।
पप्पा-मम्मा रिश्ते तोड़ने के पहले,
इस लड्डू का ख्याल कर लेना।
सपने देखें थे आपने जो मेरे संग,
मिलकर उसे पूरा कर देना।
मम्मा मेरे खातिर रि...


















