राहु
डॉ. राजीव डोगरा "विमल"
कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
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राहु हूँ
नई राह दिखता हूँ।
पथ पर अग्रसर कर
अपार सफलता दिलवाता हूँ।
कर्म बुरे करते तो
रोग, शत्रुता और ऋण बढ़ाता हूँ।
शुभ कर्मो पर
धनार्जन के नये मौके दिखलाता हूँ।
शुक्र, शनि, बुध मित्रों संग
मिलकर राज पाठ का
अधिकारी भी बनाता हूं।
१८ साल की महादशा में
सब के रंग दिखलाता हूँ।
तभी तो अपने रंग में
रंगा रह कर कैपुट कहलाता हूँ।
जापता जो नाम मेरा महादशा में
उसके बिगड़े हर काम बनाता हूँ।
परिचय :- डॉ. राजीव डोगरा "विमल"
निवासी - कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
सम्प्रति - भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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