लगा अक़्ल पर ताला
प्रो. आर.एन. सिंह ‘साहिल’
जौनपुर (उत्तर प्रदेश)
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ये कैसा है दौर यहाँ पर लगा अक़्ल पर ताला
निज सुख सर्वोपरि हो बैठा तन उजला मन काला
तालिबानी सोच में जीते आज भी कतिपय लोग
लूट पाट दुष्कर्म है धंधा सुरा सुंदरी भोग
रह-रह के बन जाता है क्यों मज़हब हथियार
मरने और मारने को लाखों हो जाते है तैयार
तालिबानी सोच के कारण भारत हुआ विभक्त
लाखों लोग शहीद हो गए बहा सड़क पे रक्त
ख़तरनाक मंसूबा इनका संभलो बबलू बँटी
गजवाये हिंद का मक़सद है ख़तरे की घंटी
मानवता और महिलाओं का दुश्मन तालिबान
इंसानों के शक्ल भेड़िए सब के सब हैवान
जिन्नावादी सोच के पोषक तजो कबीली चोला
खाक में वरना मिल जाएगा अरमानों का डोला
साहिल चलो एक हो जाओ हारेगा अपकारी
वरना हमें चुकानी होगी क़ीमत काफ़ी भारी
परिचय :- प्रोफ़ेसर आर.एन. सिंह ‘साहिल’
निवासी : जौनपुर उत्तर प...

























