हद कर दी आपने
रमेशचंद्र शर्मा
इंदौर मध्य प्रदेश
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सारा माल हजम,
कुछ तो करो शरम,
नोट लगे छापने,
हद कर दी आपने !
खोटे तुम्हारे करम,
माल उड़ाते गरम,
कमा रखा था बाप ने,
हद कर दी आपने !
कुछ तो पालो धरम,
भ्रष्टाचारी घोर चरम,
पीढ़ियां लगेगी धापने,
हद कर दी आपने !
मत पालो अब वहम,
पापी नारकी बेशरम,
क्या डस लिया सांप ने,
हद कर दी आपने !
प्रभु की मार बड़ी मरम,
किसी दिन बिकेंगे हरम,
फिर लगोगे यहीं कांपने,
हद कर दी आपने !
हिस्सा खाते दूसरों का,
पाप घड़ा भरा अपनों का,
जल्दी कंडे लगोगे थापने,
हद कर दी आपने !
बगुला भगत बनते हो,
स्वांग मदारी धरते हो,
माला लगते जापने,
हद कर दी आपने !
परिचय : रमेशचंद्र शर्मा
निवासी : इंदौर मध्य प्रदेश
घोषणा पत्र : प्रमाणित किया जाता है कि रचना पूर्णतः मौलिक है।
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