पहलगाम की व्यथा
आशा जाकड़
इंदौर (मध्य प्रदेश)
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हे पाक
तेरे आतंकवाद को जड़ से खत्म करना होगा।
तेरे नापाक इरादों को सबक सीखना होगा।।
बहुत सहा, अब न सहेंगे तेरी नाकामी चालें
खूब पानी पिया है, तुझे प्यासा रखना होगा।
भूल गया, तेरा बीज इस भारत से जन्मा है ।
अब तुझे बन्दूक की नोंक पर रखना होगा।।
जाति-धर्म पूछ-पूछ हिंदुओं को मारते हो।
धर्म निंदको अब तुम्हें सूली पर चढ़ना होगा।।
अभी मांँग में सिंदूर सजा, हाथों में मेहंदी सजी।
चूड़ियां तोड़ने वालों अब फांसी पर चढ़ना होगा।।
कश्मीर घाटी बिलखकर खून के आँसू रो रही ।
हे नील गगन कब यहाँ शान्ति का आलम होगा।।
पुलिस ड्रेस में धोखे से वार, बहादुरी दिखाते हो
अरे गद्दारों अब तुम्हें भी कफ़न पहनना होगा।।
हमारे देश में रहकर हम पर ही जुल्म करते हो।
जुल्म करने वाले दरिंदों अब बेमौत मरना होगा।
परिचय :- आशा जाकड़ (शिक्षिका, साहि...
























