कविता
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रचयिता : मनीषा व्यास
आत्मा के सौंदर्य का ख़्बाव है कविता
काग़ज़ रूपी खेतों में शब्द रूपी क़लम
से बीजों का अंकुरण है कविता
आत्मीय सौंदर्य का काव्यदीप है कविता
पल पल संजोकर सपने भी सच कर
हौसलों की उड़ान भर जाती है कविता
मन जब अकेले पन के आग़ोश में छिपा हो
तो उस अकेलेपन का भी साथी बन
न जाने कब साथ आ जाती है कविता
मन जब भावना के अधीन बहक रहा हो तो
भावना के साथ अश्रु बन कर बह
जाती है कविता
आसमान सी नीली धवल चाँदनी बन
चंचल मन की चपलता में भी
भाव गढ़ जाती है कविता
तिमिर में जब राह भूल जाय कोई राही
तो पथिक की राह में भी दीप जला
जाती है कविता
लेखिका परिचय :-
नाम :- मनीषा व्यास (लेखिका संघ)
शिक्षा :- एम. फ़िल. (हिन्दी), एम. ए. (हिंदी), विशारद (कंठ संगीत)
रुचि :- कविता, लेख, लघुकथा लेखन, पंजाबी पत्रिका सृजन का अनुवाद, रस-रहस्य, बिम्ब (शोध पत्र), मालवा क...
















