यों इल्ज़ाम लगाना ठीक नहीं
रामेश्वर दास भांन
करनाल (हरियाणा)
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तेरा हमें यों अपनी, बेरूख़ी दिखाना ठीक नहीं,
हमारी फ़िक्र में अपना, दिल जलाना ठीक नहीं,
हमनें झेले हैं रास्तों पर कांटे, अब दर्द नहीं होता,
हमें गिराने में, तेरा खुद गिर जाना ठीक नहीं,
क्यों अकड़ते हो तुम, किस बात को लेकर,
फिर अपनी सफाई भी, बताना ठीक नहीं,
हमें बेपरवाह रखा ख़ुदा ने, अनजान रास्तों पर भी,
बेकसूर को तेरा, इतना भी सताना ठीक नहीं,
माना की तुम खास हो, खुद के ही आईने में,
हम पर तेरा, यों इल्ज़ाम लगाना ठीक नहीं,
परिचय :- रामेश्वर दास भांन
निवासी : करनाल (हरियाणा)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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