मधुमास की चांदनी
मानाराम राठौड़
जालौर (राजस्थान)
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था मधुमास का मौसम
पड़ा था उल्टा अम्बर
न जाने थी थाल भरी मोतियों
आंगन में फैले दूध के झाग
आकाश था या आंगन
विभावरी थी चांदनी
उजास था दीपक
टिमटिमाते दुध के झाग
आया है नवजीवन बालक
मुस्कुराहट भरी जिंदगी
था मधुमास का मौसम
परिचय :- मानाराम राठौड़
निवासी : आखराड रानीवाड़ा जालौर (राजस्थान)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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