आदत से मज़बूर हूं
किशन सनमुखदास भावनानी
गोंदिया (महाराष्ट्र)
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प्रमोटेड हुआ हूं आदत से मज़बूर हूं
बहुत छोटे पद से बड़े पद पर प्रमोटेड हुआ हूं
भ्रष्टाचारी चाय पानी नहीं छोड़ा हूं
कुर्सी पर बैठकर ग्राहक ढूंढता रहता हूं
प्रमोटेड हुआ हूं आदत से मज़बूर हूं
पूरा घरखर्चा इसी ऊपरी कमाई से निकालता हूं
पगार को गुटका ठर्रा तंबाकू अय्याशी में उड़ाता हूं
मिलीभगत तंत्र से काम चलाता हूं
प्रमोटेड हुआ हूं आदत से मज़बूर हूं
नए वर्ष में हितधारकों का काम किया हूं
किसी को बताना मत घूसखोरी बहुत लिया हूं
लगातार पंद्रह दिन न्यूईयर पार्टी ड्यू किया हूं
प्रमोटेड हुआ हूं आदत से मज़बूर हूं
अधीनस्थ कर्मचारियों पर रौब जमाता हूं
धीरे से घूसखोरी की हिस्सेदारी मांगता हूं
जो नहीं देता उसे ऑफिसबैठक ट्रांसफर करता हूं
प्रमोटेड हुआ हूं आदत से मज़बूर हूं
मैं जनता का नहीं जनता मेरी नौकर है सम...
























