
अर्चना अनुपम
जबलपुर मध्यप्रदेश
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समर्पित- बुन्देली बघेली सहित बृज की त्रिक्षेत्रीय होरी के हुड़दंग को।
भाषा- बृज, बघेली, बुन्देली शब्द संयोजन।
छंद- घनाक्षरी।
रस- हास्य, वीभत्स
खाबन के गुजियन, शकरा की लड़ियन।
डार-डार कंठन पे आज निकरे हैं।।
मेहर घरे की सारी घोर- घोर फुलवारी।
टेंसुअन तोर तोर द्वारे ला खड़ी हैं।।
खूबन अबीर सों महावर गुलाल लाल।
रंग-रंग केरे मेंक, भूतन बने हैं।।
होय-होय हल्ला करें होहड़ मोहोल्ला डरे।।
अरी..री.. री. रक्तन कपार लो करे हैं।।
पीय-पीय भंग लहरातन भुजंग घाईं।
कीच की उलीच मीच देह रगड़े हैं।।
जोंन-जोंन भगत पकड़ उहे पटकत।
बच्चन जवान छाड़ि बूढ़े रगदे हैं।।
फगुआ बयारि री नियारी है बघेलन की।
कम ना बुन्देलन बिरज हुंदड़े हैं।
गोबर की छोकर बनावल गड़हियन।
लोटत घासोटत सूकर से बने हैं।।
अटपट सूरत ले मटकत घूरन पे।
लटक-लटक कंध विकट करे हैं।।
दारू के सुरूर के गुरूर दूर दूर दिखे ।
सबरे कुलच्छियों के लक्षन झरे हैं।।
लेइखें बुदरिया खदेड़त हैं महतारी।
बाप की पनही कछुअन हों घली हैं।।
भौजी बाई भगत बचाबन खें दौड़ी आई।
मोरइ दुलार मोड़ा ऐंसे बिगड़े हैं।।
हँसत-हँसत गिर परत लुगाई सब।
होरी की घुलेरी के रगंन बरसे हैं।।
टुरवा टुरइयों की चलत री पिचकारी।
दद्दन की रागन के फाग बगरे हैं।।
रक्तन कपार- लाल रंग से सर रंगना, रगदे- दौड़ाना, बुदारिया- छड़ी, टुरवा- टुरियाँ- छोटे बालक बालिकाएँ
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परिचय :- अर्चनापाण्डेय गौतम
साहित्यिक उपनाम – अर्चना “अनुपम क्रान्ति”
मूल निवासी – जिला कटनी, मध्य प्रदेश
वर्तमान निवास – जबलपुर मध्यप्रदेश
शिक्षा – समाजशास्त्र विषय से स्नात्कोत्तर
सम्मान – जे.एम.डी. पब्लिकेशन द्वारा काव्य स्मृति सम्मान, विश्व हिन्दी लेखिका मंच द्वारा नारी चेतना की आवाज, श्रेष्ठ कवियित्री सम्मान, लक्ष्मी बाई मेमोरियल अवार्ड, एक्सीलेंट लेडी अवार्ड, विश्व हिन्दी रचनाकार मंच द्वारा – अटल काव्य स्मृति सम्मान, शहीद रत्न सम्मान, मोमसप्रेस्सो हिन्दी लेखक सम्मान २०१९..
विधा – गद्य-पद्य
पुरस्कार : १४ सितम्बर २०२० हिन्दी दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच (hindirakshak.com) इंदौर मध्य प्रदेश द्वारा अखिल भारतीय कविता सृजन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त।
भाषा – संस्कृत, हिन्दी भाषा की बुन्देली, बघेली, बृज, अवधि, भोजपुरी में समस्त रस-छंद अलंकार, नज़्म एवं ग़ज़ल हेतु उर्दू फ़ारसी भाषा के शब्द संयोजन।
विशेष – स्वरचित रचना विचारों हेतु विभाग उत्तरदायी नहीँ है.. इनका संबंध स्वउपजित एवं व्यक्तिगत है।
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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