Notice: Function wp_get_inline_script_tag was called incorrectly. Unable to set inline script data. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 7.0.0.) in /home4/hindim8d/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170
Tuesday, July 21राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

हिन्दी हमारा स्वाभिमान

डॉ. अर्चना राठौर “रचना”
झाबुआ म.प्र.

********************

अंग्रेजी अनिवार्यता है मगर हिन्दी हमारी माता है,
अंग्रेजी विदेशी भाषा है, मगर हिन्दी मातृभाषा है।

उपयोग इसका अधिक करें, माता का सम्मान करें,
मातृ भाषा है हमारी, सदैव इस पर अभिमान करें।

भूल रहे सब कलियुगी बच्चे, हिन्दी हमारी भाषा है,
विदेशी अंग्रेजी भाषा को ही, समझें अपनी भाषा है।

चल रहा षडयंत्र ये कैसा क्या मासूम समझता है,
मात-पिता को भी क्या समझ नही कुछ आता है।

बाहरी कार्यों के लिये उपयोग की भाषा अंग्रेजी है,
मगर न बोले हिन्दी घर पर ऐसी क्या मजबूरी है।

देश कोई भाषा का अपनी करता नही अपमान है,
करता जो अपमान वो सिर्फ अपना हिन्दुस्तान है।

आजादी को प्राप्त करके, हो गये वर्ष पिचहत्तर हैं,
बुखार चढ़ा अंग्रेजियत का, मानसिक ये गुलामी है।

महत्वपूर्ण क्यों हिन्दीं है, बच्चों को हमें बताना है,
बिल्कुल मां जैसी है हिन्दी, उनकोे ये समझाना है।

करना है संकल्प आज हिन्दी का मान बढ़ाना है,
मिलकर हम सबको आज हिन्दी दिवस मनाना है।

परिचय :-
नाम – डॉ. अर्चना राठौर “रचना” (अधिवक्ता)
निवासी – झाबुआ, (म.प्र.)


आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि हिंदी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, हिंदी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर ९८२७३ ६०३६० पर सूचित अवश्य करें … और अपनी कविताएं, लेख पढ़ें अपने चलभाष पर या गूगल पर www.hindirakshak.com खोजें…🙏🏻

आपको यह रचना अच्छी लगे तो साझा जरुर कीजिये और पढते रहे hindirakshak.com हिंदी रक्षक मंच से जुड़ने व कविताएं, कहानियां, लेख, आदि अपने चलभाष पर प्राप्त करने हेतु हिंदी रक्षक मंच की इस लिंक को खोलें और लाइक करें 👉🏻  hindi rakshak manch 👈🏻 … हिंदी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु अपने चलभाष पर पहले हमारा चलभाष क्रमांक ९८२७३ ६०३६० सुरक्षित कर लें फिर उस पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *