Notice: Function wp_get_inline_script_tag was called incorrectly. Unable to set inline script data. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 7.0.0.) in /home4/hindim8d/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170
Wednesday, July 22राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

होली और शर्त

हिमानी भट्ट
इंदौर म.प्र.

********************

होली के दिन सभी मित्र होली मिलन के लिए रमेश के घर गए। मित्रों ने सबसे पहले बुजुर्गों के चरणों में गुलाल लगाकर बड़ों का आशीर्वाद लेकर होली का प्रारंभ किया। अब मित्रों ने आपस में गुलाल लगाकर एक दूसरे को गले लगाया इतने में मां होली का स्वादिष्ट पकवान ले आई, क्या बात है हम लोग त्योहारों का इंतजार करते हैं, पकवान के लिए….
बात करते-करते रमेश के मित्र की निगाह सामने वाले बालकनी में पड़ी, वहां सुंदर लड़की खड़ी थी।
सभी मित्र रमेश से शर्त लगाते हैं की यदि तुमने उस लड़की को होली खिला दी तो आज तेरे जन्मदिन की पार्टी हमारी तरफ से।
रमेश बोलता है, “अरे क्या बात कर रहे हो तुम लोग, मोहल्ले में किसी से बात नहीं करती वह और गुस्से वाली लड़की है।
मित्रों ने रमेश को उकसाया कि तू कुछ नहीं कर सकता।
रमेश दौड़ता हुआ गया, रमेश की धड़कने तेज थी डर लग रहा था।
वहीं दूसरी तरफ खड़े मित्र मजे ले रहे थे कि आज खाएगा प्रसाद और मन जाएगा जन्मदिन….
रमेश दौड़ता हुआ उसकी सीढ़ियों पर चढ़ा, लड़की को कंधे पर बिठाया और दौड़ता हुआ जाकर रंगीन पानी में डुबकी लगाकर बाहर निकाल दिया। रमेश भी उसके सामने डर रहा था की अब यह लड़की पूरे मोहल्ले के सामने इज्जत निकालेगी, लड़की आगे बढ़ते ही मुड़कर देखती है और मुस्कुराकर शर्मा कर भाग जाती है। यह देख कर सभी दोस्तों की आंखें फटी की फटी ही रह गई।
तो फिर क्या था, फिर हुई जमकर पार्टी…..

.

परिचय :- हिमानी भट्ट ब्रांड एंबेसडर स्वच्छता अभियान, इंदौर
निवासी : इंदौर म.प्र.


आप भी अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि हिंदी रक्षक मंच पर अपने परिचय एवं फोटो के साथ प्रकाशित करवा सकते हैं, हिंदी रक्षक मंच पर अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, आदि प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख, हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर ९८२७३ ६०३६० पर सूचित अवश्य करें … और अपनी कविताएं, लेख पढ़ें अपने चलभाष पर या गूगल पर www.hindirakshak.com खोजें…🙏🏻

आपको यह रचना अच्छी लगे तो साझा जरुर कीजिये और पढते रहे hindirakshak.com हिंदी रक्षक मंच से जुड़ने व कविताएं, कहानियां, लेख, आदि अपने चलभाष पर प्राप्त करने हेतु हिंदी रक्षक मंच की इस लिंक को खोलें और लाइक करें 👉🏻hindi rakshak manch 👈🏻 … हिंदी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु अपने चलभाष पर पहले हमारा चलभाष क्रमांक ९८२७३ ६०३६० सुरक्षित कर लें फिर उस पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *