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शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार

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रचयिता : विनोद वर्मा “आज़ाद”

छात्रों को पूरे समय व्यस्त रखा जाएगा तो वे निश्चित रूप से सफलता पाएंगे।
व्यस्त रखने के पूर्व इन बातों पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा।
१ – छात्रों के साथ मित्रवत भाव नवाचार का पहला पद है।
२ – प्रत्येक जाति,धर्म,गरीब-अमीर,दादा बहादुर हो या सीधा सा प्राणी सब छात्रों के साथ एकत्व भाव ।
उनकी गलती पर दंड की बजाय पुरस्कार दीजिये- वो चाहे जिस अनुसार हो यथा-
उनसे गीत,कविता,भजन, कहानी सुविचार, पहेली,कहावत,चुटकुले सुनकर ।
             या
-डांस (नृत्य) करवाकर
-मस्ती के साथ दंड-बैठक लगवाकर.
-मैदान में दौड़ लगवाकर।
-कोई चित्र बनवाकर
-आसपास के वातावरण की जानकारी लेकर।
-छात्र के मकान में खिड़की-दरवाज़े की बात पूछकर।
             या
-टॉफी-बिस्किट देकर ।
 बच्चों में इस पहल का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
मैंने इन गतिविधियों का उपयोग किया है।
३ – “विनोद चक्र” का निर्माण किया जिसमें अशोक स्तम्भ के २४ तीलियों वाले चक्र को लेकर हिंदी-अंग्रेजी के रंगों के नाम- Vibgyor बेंजानिहपिनाला-सम-विषम स्वर-व्यंजन,रोमन लिपि अंक,हिंदी-अंग्रेजी वर्णमाला इकाई से लाख तक कि संख्या का ज्ञान,जोड़,घटाव, गुणा एवम रेखा गणित में परिधि,व्यास,न्यूनकोंण,समकोण,अधिक कोण,सरल कोण भी दर्शाया।
४ – खेल सामग्री के माध्यम से भी नवाचार किया जा सकता है। पुराने खेलों का  उपयोग किया जा सकता है,यथा-
 घोड़ी बादाम छय,
पीछे देखे मार खय।
रामु भैया जय बजरंगी,
जय बजरंगी रामु भैया।
अंठीयों के खेल,
कैरम, सांप सीढ़ी,लूडो, खण्ड-खण्ड सामग्री को जोड़कर विभिन्न रुप बनाना।
आयत बनाकर लँगड़ी चलते हुए आदि-आदि।
५  – बाल सभा का आयोजन प्रति शनिवार अनिवार्य रूप से होना चाहिए।प्रत्येक महा पुरुषों की जयन्तियां,निर्वाण दिवस व त्यौहार मनाए जाते रहना चाहिए।
६ – छात्रों को नेक और भलाई के साथ सेवा व राष्ट्र के प्रति समर्पित होने के लिए स्काउट्स से जोड़ना चाहिए। उन्हें जहां तक जाने के अवसर मिले भेजते रहना चाहिए,ताकि उसका मस्तिष्क विकास तो हो, शारीरिक रूप से मजबूती  भी मिलती है।
७ – उन्हें प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ने और समाचार सुनने की आदत भी डलवाई जानी चाहिए ताकि उनका सामान्य ज्ञान विस्तृत हो।
८ – वाचनालय में ज्ञानवर्धक व चित्रमय कहानी की पुस्तकें,गतिविधियों की पुस्तकों और छोटी-छोटी कहानियों, कविताओं की पुस्तकें भी रखी जाना चाहिए। ज्यादा से ज्यादा पुस्तकें पढ़ने पर जोर दिया जाना चाहिये ताकि उनका मस्तिष्क तीव्र गति से कार्य कर सके।
९ – उन्हें दूरदर्शन पर प्रतिदिन सीरियल देखने की बजाय सप्ताह में केवल एक फ़िल्म देखने का सुझाव देकर शिक्षा के क्षेत्र में, पढ़ाई पर उसका ज्यादा ध्यान रहे यह भी प्रयास हो ताकि प्रतिदिन की सीरियल की रोचकता में छात्र न् उलझे। क्योंकि सिरीयल समापन प्रतिदिन रोचक मोड़ पर समाप्त होता है।
१० – किसी एक विधा में सतत जुड़ा रहे यह हमारा प्रयास हो-वह कोई सी भी हो सकती है।
 जैसे- विभिन्न प्रकार के वाद्य में से कुछ एक का वादन करे।
वह गायन में भी रुचि रखता हो तो गायन के लिए अच्छे सुरसाधक से मिलवाये ताकि उनकी शिक्षा और मार्गदर्शन मिलने पर छात्र में निखार आएगा।
चित्रकला,मॉडल,बुटीक,कोई भी व्याव सायिक प्रशिक्षण भी पढ़ाई के साथ हो तो छात्र के मस्तिष्क का विस्तार होगा।
११ – बागवानी से भी छात्र को जोड़ा जा सकता है। पौधों,फूलों,सब्जी आदि में भी बच्चे रुचि लेते है। उन्हें इस हेतु बाग-बगीचों का भ्रमण करवाया जावे और वहां के सेवादार से सवाल-जवाब करने पर उसके द्वारा दी जाने वाली जानकारी कारगर सिद्ध हो सकती है।
१२ – पौधों के लिए लगने वाले खाद हेतु, जैविक खाद बनाने के लिए उनसे प्रति दिन कोई न् कोई सामग्री एक बड़े गड्ढे में डलवाते रहे जिसमे मध्यान्ह भोजन की झूठन,पेड़ो की गिरने वाली पत्तियां,गोबर और मिट्टी डालते रहेंगे,इससे दो बातें छात्र सीखेंगे- एक तो विद्यालय में स्वच्छता और सफाई होगी, वही वे जैविक खाद बनाना भी सिख लेंगे। पहले उनसे प्रायोगिक तौर पर यह सामग्री डलवाते रहे। फिर लिखित विधि बता सकते है।ताकि वे हमारे आगे-आगे हर कार्य को अंजाम देने हेतु लगे रहे।
बच्चों को प्रत्येक प्रतियोगिताओं में टॉफी-बिस्किट,पेन -पेंसिल,शॉप्नर,रबर कॉपी व अन्य सामग्री इनाम के तौर पर दी जाती  रहना चाहिए।
नवाचार के लिए और भी विकल्प हो सकते है,मैंने अपने मतानुसार इतने तरीके स्पष्ट किये है,मधुर व्यवहार,कर्मठता,सदा व्यस्तता,गुरु और शिष्य के बीच परिवार बल्कि पिता-पुत्र जैसा सम्बन्ध रहेगा तो नवाचारों को तीव्रता प्रदान करना हमारे लिए पर्याप्त रहेगा।

लेखक परिचय :- 
नाम – विनोद वर्मा “आज़ाद” सहायक शिक्षक (शासकीय)
एम.फिल.,एम.ए. (हिंदी साहित्य), एल.एल.बी., बी.टी., वैद्य विशारद पीएचडी. अगस्त २०१९ तक हो जाएगी।
निवास – इंदौर जिला मध्यप्रदेश
स्काउट – जिला स्काउटर प्रतिनिधि, ब्लॉक सचिव व नोडल अधिकारी
अध्यक्ष – शिक्षक परिवार, मालव लोकसाहित्य सांस्कृतिक मंच म.प्र.
अन्य व्यवसाय – फोटो & वीडियोग्राफी
गतिविधियां – साहित्य, सांस्कृतिक, सामाजिक क्रीड़ा, धार्मिक एवम समस्त गतिविधियों के साथ लेखन-कहानी, फ़िल्म समीक्षा, कार्यक्रम आयोजन पर सारगर्भित लेखन, मालवी बोली पर लेखन गीत, कविता मुक्तक आदि।
अवार्ड – CCRT प्रशिक्षित, हैदराबाद (आ.प्र.)
१ – अम्बेडकर अवार्ड, साहित्य लेखन तालकटोरा स्टेडियम दिल्ली
२ – रजक मशाल पत्रिका, परिषद, भोपाल
३ – राज्य शिक्षा केन्द्र, श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान
४ – पत्रिका समाचार पत्र उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान (एक्सीलेंस अवार्ड)
५ – जिला पंचायत द्वारा श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान
६ – जिला कलेक्टर द्वारा सम्मान
७ – जिला शिक्षण एवम प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) द्वारा सम्मान
८ – भारत स्काउट गाइड संघ जिला एवं संभागीय अवार्ड
९ – जनपद शिक्षा केन्द्र द्वारा सम्मानित
१० – लायंस क्लब द्वारा सम्मानित
११ – नगरपरिषद द्वारा सम्मान
१२ – विवेक विद्यापीठ द्वारा सम्मान
१३ – दैनिक विनय उजाला राज्य स्तरीय सम्मान
१४ – राज्य कर्मचारी संघ म.प्र. द्वारा सम्मान
१५ – म.प्र.तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी अधिकारी संघ म.प्र. द्वारा सम्मान
१६ – प्रशासन द्वारा १५ अगस्त को सम्मान 
१७.- मालव रत्न अवार्ड २०१९ से सम्मानित।
१८.- २ अनाथ बेटियों को गोद लेकर १२वीं तक कि पढ़ाई के खर्च का जिम्मा लिया।


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