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अखिल भारतीय साहित्य परिषद् धार का आनलाइन कवि सम्मेलन सम्पन्न

कविता कवि के हृदय की पीड़ा है जो कि आह से शुरु होकर वाह पर विश्राम लेती है …प्रतिमा सिंह

धार। अखिल भारतीय साहित्य परिषद् जिला इकाई धार ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया। जिसमें मुख्य अतिथि श्री विजय तिवारी गजलकार अहमदाबाद, विशिष्ट अतिथि वीररस की कवयित्री प्रतिमा सिंह इंदौर तथा अध्यक्षता श्री त्रिपुरारि लाल शर्मा मालवा प्रातांध्यक्ष थे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिमा सिंह इंदौर ने सरस्वती वंदना से की और अपनी कविता में कहा कि कविता, कवि के हृदय की पीड़ा है जो कि आह से शरु होकर वाह पर विश्राम लेती है। प्रवीण व्यास इंदौर ने अपनी कविता में महर्षि वाल्मीकि को याद करते हुए कहा कि मरा-मरा रट राम-राम कर संत महर्षि हो जाते हैं, रत्नाकर डाकू से जो वाल्मीकि बन जाते हैं। सरदारपुर के कवि अजय पाटीदार ने मां के चरणों में घनाक्षरी पढ़ा। मनावर के कवि राम शर्मा परिंदा ने बढ़ते बलात्कार रोकने के कारण बताते हुए अपने काव्य पाठ में कहा कि बलात्कार रुक सकते नहीं कभी भी सरकारों से, बलात्कार रुक सकते हैं अपने दिए संस्कारों से। धार के कवि डॉ दीपेंद्र शर्मा ने अपनी रचना में हास्यपुट भरते हुए कहा कि इतना सहारा दिया कि खुद बेसहारा हो गए, वे जानवर बने तो हम चारा बन गए। कवि रामचंद्र अवस्थी इंदौर ने अपनी कविता में मानव की भूख और प्यास पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ये भूख कहां भटकाएगी, ये प्यास कहां ले जाएगी। इंदौर के ही कवि गिरेन्द्र सिंह भदौरिया” प्राण”ने देश में छिपे गद्दारों को लपेटते हुए कहा कि भय नहीं लगता दुश्मन की तलवारों से, डर लगता है घर में बैठे गद्दारों से। शरद जोशी “शलभ” अपने चिरपरिचित अंदाज़ में देशभक्ति की रचना पढ़ते हुए ये भाव अभिव्यक्त किये… हिन्दुस्तान की धरती से है जिनको सच्चा प्यार नहीं। हिन्दुस्तान में रहने का उनको कोई अधिकार नहीं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विजय तिवारी ग़ज़लकार अहमदाबाद ने अपनी ग़ज़ल में वर्तमान राजनीतिक वातावरण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज़ाद हो गये हैं इस भ्रम में पल रहे हैं, हम तो गुलाम ही हैं आका बदल रहे हैं। अध्यक्षता कर रहे मालवा प्रातांध्यक्ष त्रिपुरारि लाल शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि शरद ऋतु में अखिल भारतीय साहित्य परिषद् शरदोत्सव मनाता है और काव्य के माध्यम से शरद ऋतु का स्वागत करते है। कार्यक्रम का संचालन परिषदके धार जिला अध्यक्ष शरद जोशी “शलभ” ने किया और आभार प्रदर्शन परिषद के जिला महासचिव श्यामलाल शर्मा ने किया।


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