पुष्प वाटिका
किरण विजय पोरवाल
सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
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अंखियों से
अखियां जब है
मिले फूलों की
ओट में जानकी के।
तिरछी नैनो से जब है
मिले राम के
नैना जानकी से।
फूल बगिया में प्रकृति
बिखर गई जब राम
जानकी मिलन हुआ।
देखते ही नैना चार हुए
जब राम सिया
का मिलन हुआ।
मन ही मन पति रूप
स्वीकार किया गौरा से
पति वर मांग लिया।
श्री राम प्रभु की
सुंदर छवि को
सीता ने मन में
बसाय लिया।
सीता ने जब वर
मांग लीया,
मूर्ति मुस्काई
वर है दिया।
सुंदर सुशील मनमोहक है,
हे राम सिया की जोड़ी है,
एक आदर्श दंपति
का मिलन हुआ,
सीता ने पाया राम को है
किरण कर वंदन
प्रभु चरणों में
तुलसी के राम
अमर है सदा।
जय हो जय हो
सीताराम के स्वर,
जब गुंज उठा
मिथिला मे है।
परिचय : किरण विजय पोरवाल
पति : विजय पोरवाल
निवासी : सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
शिक्षा : बी.कॉ...

