बेटिया
किरण विजय पोरवाल
सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
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बेटिया तो मां-बाप की
परछाई होती है,
हर वक्त वो उनके
साथ रहती है।
कहीं कष्ट ना आये
वह हरदम ध्यान रखती है।
ठंड गर्मी हो या बारिश
समय का ध्यान रखती है,
समय पर खा लेना पापा
वह हरदम ख्याल रखती है।
तुम पुराने कपड़े-जूते
तो ना पहनो पापा,
फटी बनियान पर
वह ध्यान रखती है।
यदि बीमार हो जाए
दौड़ी आती है वो बेटियां,
अच्छे स्पेशलिस्ट को
बताना है लिस्ट
देखती है बेटियां।
कहां जाना नहीं जाना
हर सुविधा जुटाती है बेटियां।
कही बीमार ना पड़ जाए वह
सदा ध्यान रखती है बेटिया।
कहीं भी देश या विदेश जाए
उनका ध्यान रखती
एसी ही मै जाना है
टिकट तैयार रखती है।
उनके स्वास्थ का
हर पल ध्यान
रखती है बेटियां,
मन की बात वो
समझे तन का हाल
वो समझे हर
परिस्थिति में वह
ढल जाती है बेटियां।
परिचय : किरण विजय पोर...

