Sunday, June 21राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

दीवारों की आड़

किरण विजय पोरवाल
सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
********************

दीवारों की आड़ बड़ी है,
आपस में मिल करती बात
कभी समय था खुले थे आंगन
समय बैठकर कर लेती थी गपशप,
अब समय कैसा है आया?
नहीं पड़ोसी नहीं है
आंगन मन चित् की
नहीं बात होती,
बंदीशो की आवाज है होती,
समय नहीं कटता लंबी है रात।
अब समय विचित्र है बहना
अकेला जीवन अकेला ही रहना,
नहीं परिवार का है अब साथ,
देश-विदेश में रहते बच्चे
करती आस पड़ोस से बात,
नहीं काम का मुझे सहारा
जैसे तैसे जीवन कटता,
खुशियां लंबी दूर दराज।
नहीं दिवाली की रौनक है,
नहीं है होली लाल गुलाल
खाली घर फीका त्यौहार
करती मन की बातें चार।

परिचय : किरण विजय पोरवाल
पति : विजय पोरवाल
निवासी : सांवेर रोड उज्जैन (मध्य प्रदेश)
शिक्षा : बी.कॉम इन कॉमर्स
व्यवसाय : बिजनेस वूमेन
विशिष्ट उपलब्धियां :
१. अंतर्राष्ट्रीय साहित्य मित्र मंडल जबलपुर से सम्मानित
२. अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना उज्जैन से सम्मानित
३. राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच इंदौर द्वारा “साहित्य शिरोमणि अंतर्राष्ट्रीय समान २०२४” से सम्मानित
४. १५००+ कविताओं की रचना व भजनो की रचना
रूचि : कविता लेखन, चित्रकला, पॉटरी, मंडला आर्ट एवं संगीत
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना स्वरचित एवं मौलिक है।


कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें …🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर 98273 60360 पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु हमारे चलभाष क्रमांक 98273 60360 पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *