हम डूब जाएं पानी में
डॉ. किरन अवस्थी
मिनियापोलिसम (अमेरिका)
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(२०१२,२०१३ दामिनी घटनाओं से आहत)
देश डूब जाए पानी में
तब न होगा रेप, न होंगी हत्याएँ
न ही क़त्ल की चर्चा होगी,
न ही डाके की घटना होगी।
किंतनी गुड़िया आहत होंगी,
कितनी देंगी क़ुर्बानी
कितनी कलियाँ मुरझाएँगीं,
कितने जीवन होंगे पानी पानी।
कितनी गुड़िया चीख़ेंगीं,
कितनी गुडियां तड़पेंगीं
कितनी गुड़िया क़ुरबान चढ़ेंगी,
प्रतीक्षा प्रलय की अगवानी में।
देश डूब जाए पानी में।
न गुड़िया घायल होंगीं,
न गुड़िया को ग्लानि होगी
न उसकी सिसकी गूँजेंगीं,
न भारत की अस्मत पानी होगी
गुडियां बच भी जाएँ तो क्या,
घायल की गति घायल ही जाने
उसके मन में क्रंदन होगा,
आग लगे अब पानी में।
देश डूब जाए अब पानी में।
परिचय :- डॉ. किरन अवस्थी
सम्प्रति : सेवा निवृत्त लेक्चरर
निवासी : सिलिकॉन सिटी इंदौर (मध्य प्रदेश)
वर्त...



