हिंदी है दिल की धड़कन
सुषमा शुक्ला
इंदौर (मध्य प्रदेश)
********************
हिंदी है दिल की धड़कन, मातृभूमि की शान,
इसके बिना सूना लगे, भारत का हर आँगन।
विश्व हिंदी दिवस लाया, नए रंग, नई बहार,
सुनो, जागो, बोलो इसे, बनाओ इसका सार।
सिंहावलोकन में यह, साहित्य की रोशनी,
कवियों की गूँज में, रचा है जीवन की धुन।
तुलसी, मीरा, सूर और रसखान की छवि,
हिंदी ने सजाई है, संस्कृति की अनूठी कुंजी।
शब्दों में है शक्ति, भावों में है जादू,
जिससे जुड़कर हर मन में खिलता सुख-सद्गुण का वसु।
भाषा सिर्फ शब्द नहीं, यह है आत्मा की छाया,
विश्व हिंदी दिवस पर इसकी करें हम गगन-गुंजाया।
स्कूल और कॉलेजों में गूंजे इसकी मधुर तान,
हिंदी के संग बच्चों का बढ़े ज्ञान।
जितनी भी दूरियाँ, मिटा देती यह भाषा,
एक करती मनुष्य को, बनाती जग में आशा।
आज हम सब करें प्रण, इसे रखें सजग, सशक्त,
हिंदी ही है वह दीप, जो जगमग करे स...

