
धैर्यशील येवले
इंदौर (मध्य प्रदेश)
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ये जिंदगी
थोड़ा तो मुस्कुराने दे
अभी कल ही तो माँ
गांव से आई है
कुछ मीठी गुजिया लाई है
कुछ तो मजे कर लेने दे
ये जिंदगी
थोड़ा तो मुस्कुराने दे।।तिनका तिनका जोड़ा
कोई सपना तोड़ा
कोई सपना जोड़ा
आँसू भरी आँख से
मुस्कुराया थोड़ा थोड़ा
आ तू भी हो जा
मेरी खुशियों में शामिल
तू भी मुस्करा थोड़ा थोड़ा
कुछ तो तुझे समझ पाने दे
ये जिंदगी
थोड़ा तो मुस्कुराने दे।।माना कि मुझसे गलतियां
हुई है हजार
तूने समझने की कोशिश भी
की बार बार
बस अब और नही
माफ कर दे एक बार
अपनो को दिल खोल के
गले से लगाने दे
ये जिंदगी
थोड़ा तो मुस्कुराने दे।।बिटिया की आंखों में है
ढेरो सपने
बेटा भी गुनगुना रहा
ख्वाब अपने
बीवी जोड़ रही आड़े
वक़्त के लिए पैसा पैसा
मैं भी काम किये जा रहा हूँ
कैसा कैसा
दिप आशाओं के जल जाने दे
ये जिंदगी
थोड़ा तो मुस्कुराने दे।।दोस्तो की संगत में
निवाले खुशी के पंगत में
झूम ने को कर रहा दिल
तेरी हर एक रंगत में
छोटी छोटी खुशियों को
बाटूंगा सभी दुखियो को
जीऊंगा तुझे , जी लेने दे
ये जिंदगी
थोड़ा तो मुस्कुराने दे।।आँसू अब पिये नही जाते
ये सारे दुःख सहे नही जाते
कतरा कतरा मर रहे है हम
सांसे सांसे मांग रहे है हम
खुशियां बंधी पड़ी है पोटली में
पोटली को खोल लेने दे
ये जिंदगी
थोड़ा तो मुस्कुराने दे
थोड़ा तो मुस्कुराने दे ।।
परिचय :- धैर्यशील येवले
जन्म : ३१ अगस्त १९६३
शिक्षा : एम कॉम सेवासदन महाविद्याल बुरहानपुर म. प्र. से
सम्प्रति : १९८७ बैच के सीधी भर्ती के पुलिस उप निरीक्षक वर्तमान में पुलिस निरीक्षक के पद पर पीटीसी इंदौर में पदस्थ।
सम्मान : राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच इंदौर hindirakshak.com द्वारा हिंदी रक्षक २०२० राष्ट्रीय सम्मान
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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