
ललित शर्मा
खलिहामारी, डिब्रूगढ़ (असम)
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आजादी की लड़ाई में
भेदभाव रहित देशवासी
झलकाये अनेकताओं में एकता
स्नेह प्यार समन्वय, विश्वास
आपस में था सबका साथ
मिलकर सब लड़ते गए
लम्बी लड़ाई
देशवासी
अहिंसा से लड़ने की
अपनी अहम
विशेषता दिखलाई
विदेशियों की
हिंसात्मक योजनाएं
देशवासियों की एकता में
पड़ी खटाई में,
जमीन पर आई
थके नहीं देशवासी
लड़े गए अहिंसा की लड़ाई
अंत तक नहीं
तोड़े धैर्य हिम्मत
सफलता की सीढ़ी पर
ऊंचाई सीना तान चढ़ आई
देशवासी ने अपनी
हिम्मत बढ़ाई
गाँधीजी का था
अग्रणी कुशल नेतृत्व
परास्त करने का सबने
किया था अटल ब्रत
संघर्षों में चलाया
आपसी विचार विमर्श
अंत तक सबने रखा
प्रेम स्नेह एकमत
देशवासी जब
स्वतः कूदे पड़े जंग में
नेस्तनाबूत शिथिल
पड़ी वर्षो की गुलामी
भारतीयों के
मन में चढ़ आया
उत्साह, उमंग, तरंग
असहयोग का
देशभर में हो गया संग
खुशियों की बहार में
देशभर में खत्म कर दी
गुलामी की
देशवासियों ने कहानी
जान गंवाए प्राणों की
आहुति लगाए
थी उनकी सच्ची बलिदानी
देश की आजादी में
अहम त्याग बलिदान कर
देश को बचाये
अमिट रहेगी
उनकी कहानी
उनकी याद
गणतंत्र दिवस
स्वाधीनता दिवस पर
देशवासियो के मन से
आजीवन हट नहीं पाएगी
निवासी : खलिहामारी, डिब्रूगढ़ (असम)
संप्रति : वरिष्ठ पत्रकार व लेखक
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