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हिंदी हिन्द की पहचान

सौरभ डोरवाल
जयपुर (राजस्थान)

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हिंदी हिन्द की पहचान,
हिन्दोस्तां की आन, बान और शान।।

संस्कृत की छोटी बहन,
सभी भाषाओ की मौसी है कहलाती,
हिन्दुस्तान की सभी क्षेत्रीय भाषाएँ
हिन्द की गॉड में ही आश्रय पाती।।

हिंदी ने जोड़ा सभी भाषाओ को,
माला के मोतियों के जैसे,
बिना हिंदी भारत की कल्पना
कैसे हो सकती है वैसे ?

हिंदी भारत का अभिमान है,
हिंदी ही काव्य का प्राण है।।

परिचय : सौरभ डोरवाल
निवासी : भोजपुरा, जिला- जयपुर (राजस्थान)
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करता हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।

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