Notice: Function wp_get_inline_script_tag was called incorrectly. Unable to set inline script data. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 7.0.0.) in /home4/hindim8d/public_html/wp-includes/functions.php on line 6170
Thursday, August 6राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

माँ शारदा वंदन

मीना भट्ट “सिद्धार्थ”
जबलपुर (मध्य प्रदेश)
********************

हे शारदे करुणामयी माँ, भक्त को पहचान दो।
श्वेतांबरा ममतामयी माँ, श्रीप्रदा हो ध्यान दो।।

गूँजे मधुर वाणी जगत में, वल्लकी बजती रहे।
कामायनी माँ चंद्रिका सुर, रागिनी सजती रहे।।
वागीश्वरी है याचना भी, भक्त का उद्धार हो।
विद्या मिले आनंद आए, प्रेम की रसधार हो।।
आभार शुभदा है शरण लो, बुद्धि का वरदान दो।

उल्लास दो नव आस दो प्रिय, ज्ञान की गंगा बहे।
चिंतन मनन हो भारती का, लेखनी चलती रहे।।
मैं छंद दोहे गीत लिख दूँ, नव सृजन भंडार हो।
आकाश अनुपम गद्य का हो, प्रार्थना स्वीकार हो।।
भवतारिणी तम दूर हो सब, नित नवल सम्मान हो।

तुम प्रेरणा संवाहिका हो, चेतना संसार की।
वासंतिका हो ज्ञान की माँ, पद्य के शृंगार की।।
साहित्य में नवचेतना हो, कामना कल्याण भी।
संजीवनी हिंदी सुजाता, श्रेष्ठ हो मम प्राण भी।।
आलोक प्रतिभा हो धरा की, लक्ष्य का संधान दो।

भामा कहें महिमामयी माँ, प्राणदा भावार्थ हो।
त्रिगुणा निराली साधना हो, भावना परमार्थ हो।।
हर क्षेत्र में साधक सफल हो, चँहुदिशा जय घोष हो।
विपदा टरे उत्कर्ष हो माँ, ज्ञान संचित कोष हो।।
उत्थान हो इस देश का भी, शांति का परिधान दो।

परिचय :- मीना भट्ट “सिद्धार्थ”
निवासी : जबलपुर (मध्य प्रदेश)
पति : पुरुषोत्तम भट्ट
माता : स्व. सुमित्रा पाठक
पिता : स्व. हरि मोहन पाठक
पुत्र : सौरभ भट्ट
पुत्र वधू : डॉ. प्रीति भट्ट
पौत्री : निहिरा, नैनिका
सम्प्रति : सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश (मध्य प्रदेश), लोकायुक्त संभागीय सतर्कता समिति जबलपुर की भूतपूर्व चेयरपर्सन।
प्रकाशित पुस्तक : पंचतंत्र में नारी, काव्यमेध, आहुति, सवैया संग्रह, पंख पसारे पंछी
सम्मान : विक्रमशिला हिंदी विश्वविद्यालय द्वारा, विद्या सागर और साहित्य संगम संस्थान दिल्ली द्वारा, विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि, गुंजन कला सदन द्वारा, महिला रत्न अलंकरण, राष्ट्रीय हिंदी रक्षक मंच इंदौर द्वारा “उत्कृष्ट न्यायसेवा अंतर्राष्ट्रीय सम्मान २०२४” से सम्मानित तथा कई अन्य साहित्यिक संस्थाओं से सम्मानित
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।


प्रिय मित्र, शुभचिंतक एवं परिवारजन आपको प्रेषित मेरी नई स्वरचित रचना, कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें …🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ
प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें
hindirakshak17@gmail.com पर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर 98273 60360 पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु हमारे चलभाष क्रमांक 98273 60360 पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *