Wednesday, May 13राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर आपका स्वागत है... अभी सम्पर्क करें ९८२७३६०३६०

मां शब्द की अभिव्यक्ति

प्रतिभा दुबे “आशी”
ग्वालियर (मध्य प्रदेश)

********************

मां शब्द की अभिव्यक्ति क्या करूं,1132
क्या लिखूं माँ पर कोई एक रचना!
विधाता का श्रेष्ठ सृजन हमारे लिए,
माँ के रूप में खुद आए हमारे लिए

मां के दुलार बिन रह न पाया,
हर जगह मौजूद मां का ही साया!
कभी सोने न दिया भूखे पेट मुझे
उठाकर नींद में, निवाला खिलाया।।

मैं ईश्वर का नाम लूं न लूं
दुआएं तेरी हमेशा लगती मुझे
झोली में तेरी सदैव रहती मन्नतें,
धागे बांधे न जाने कितने मेरे लिए।।

लाख कोशिश कर लूं फिर भी,
तेरा ऋण मैं उतार न पाऊंगी
सलामत रहो बस मेरे लिए तुम
तुम्हारी दुआओं से, यश पाऊंगी।।

क्या लिखूं माँ तेरे लिए मैं शब्दों से
तेरा ही दिया हुआ, ये जीवन हैं मेरा
तुम्हारी स्वयं कि, मैं हूं एक रचना
आज मां बनकर ही एहसास हुआ।।

परिचय :-  श्रीमती प्रतिभा दुबे “आशी” (स्वतंत्र लेखिका)
निवासी : ग्वालियर (मध्य प्रदेश)
उद्घोषणा : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।


कृपया लिंक को टच कर रचना पढ़ें एवं कमेंट बॉक्स में अपने विचार रख कविता को लाइक करें …🙏🏻😊💐💐💐 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच पर अपनी रचनाएँ प्रकाशित करवाने हेतु अपनी कविताएं, कहानियां, लेख हिंदी में टाईप करके हमें hindirakshak17@gmail.comपर अणु डाक (मेल) कीजिये, अणु डाक करने के बाद हमे हमारे नंबर 98273 60360पर सूचित अवश्य करें …🙏🏻 राष्ट्रीय हिन्दी रक्षक मंच का सदस्य बनने हेतु हमारे चलभाष क्रमांक98273 60360 पर अपना नाम और कृपया मुझे जोड़ें लिखकर हमें भेजें…🙏🏻

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *