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माँ है जो मकान को घर करती है

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जयंत मेहरा
उज्जैन (म.प्र)

मुझसे ज्यादा मेरी फिकर करती है
वो माँ है जो उस मकान को घर करती है

धूप मे जब जब में निकलता हु
पलकों की छाव मेरे सर करती है
वो माँ है जो उस मकान को घर करती है

कभी गिरने नही देती मुझे कहीं
उसकी दुआ इतना लंबा तय, सफर करती है
वो माँ है जो उस मकान को घर करती है

जब जब भी कभी बिमार होता हूं
उसकी यादों की दवा हि बस मुझ पर असर करती है
वो माँ है जो उस मकान को घर करती है

लोग चेहरों पर नक़ाब लिए रखते हैं
सभी के सारे हिसाब लिए रखते हैं
में मेरी तकदीर लिए चलता हूं
ज्यादा कुछ नहीं, माँ कि तसवीर लिए चलता हूं
उसकी दुआ मेरे साथ साथ सारे, सफर करती है
वो माँ है जो उस मकान को घर करती है
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परिचय :-
नाम : जयंत मेहरा
जन्म : ०६.१२.१९९४
पिता : श्री दिलीप मेहरा
माता : श्रीमती रुक्मणी मेहरा
निवासी : उज्जैन (म.प्र)
सम्प्रति : वर्तमान में कनिष्क कार्यपालक अधिकारी (इंजीनियरिंग – सिविल डिपार्टमेंट) भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, सेलम हवाईअड्डे पर पदस्थ
शिक्षा : बी.ई. (सिविल इंजीनियरिंग) २०१६, एम .टेक – (Geotechnical Engineering ) २०१८ भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर से


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