सावन का आगमन
आरती यादव "यदुवंशी"
पटियाला, पंजाब
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आगमन सावन का देख
है हर्षचित्त सारा वन हुआ,
खिल उठी हैं पुष्प कलियां
है प्रमुदित हमारा मन हुआ।
भवरों की गुंजा शोर करती
चढ़ा पत्तियों पर नव-यौवन है,
तितलियां नित्य नृत्य हैं करतीं
आया झरता देख सावन है।
मयूरी की नुपुरें छम हैं करती
देखो झूमें ये सारा उपवन है,
पंछियों के मीठे स्वरों से देखो
हुई सुगंधित ये शीतल पवन है।
सरिता की धारा बहती वेग से
उल्लासित हुआ ये गगन है,
आकाश से देखो धरा मिल गई
कैसे इक होकर लागे मगन है।
मेढ़कों की गुंजा है सुनती
कोयल की कू-कू को नमन है,
बगियों में झूले पड़ गए हैं
देखो झूमता ये सावन है।
परिचय :- आरती यादव "यदुवंशी"
निवासी : पटियाला, पंजाब
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमाणित करती हूँ कि सर्वाधिकार सुरक्षित मेरी यह रचना, स्वरचित एवं मौलिक है।
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