मां शारदे
डॉ. संध्या जैन
इन्दौर म.प्र
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मां शारदे! मां शारदे!
तुमको पुकारतीऽऽ मैं।
इस धरती पर तुम्हें आना होगा
हम सबको मां तारना होगा
मां शारदे! मां शारदे!
तुमको पुकारतीऽऽ मैं।
विद्या के मंदिर में देखो
कैसा छा गयाऽऽ तमस
अब दूर करो सारा तमस
लाओ मां उजास अब
मां शारदे! मां शारदे!
तुमको पुकारतीऽऽ मैं।
हमसे हुई क्या भूल अब?
हमें जो चुभ रहे हैं शूल
इस बगिया में खिला दो फूल
रहे जिससे सब ही प्रफुल्ल।
मां शारदे! मां शारदे!
तुमको पुकारतीऽऽ मैं।
मीठी वाणी, कलम, कागद
क्या खो गए मां अब ये सब?
अच्छे-अच्छे प्रियजन
क्या सो गए मां सब?
मां शारदे! मां शारदे!
तुमको पुकारतीऽऽ मैं।
आओ मां! आओ मां!
वीणा के तारों के संग
कर दो हृदतंत्री को मां
आज तुम झंकृत।
मां शारदे! मां शारदे!
तुमको पुकारतीऽऽ मैं।
परिचय :- डाॅ. श्रीमती संध्या जैन
पिता का नाम : डाॅ. नेमीचन्द जैन
जन्म दिनांक : ३० अक्टूबर, ...





















