मादक नैन
मीना भट्ट "सिद्धार्थ"
जबलपुर (मध्य प्रदेश)
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आओ साजन देख रहे पथ,
मादक नैन हमारे हैं।
सुरभित यौवन ले अँगड़ाई,
प्रियतम हमें बिसारे हैं।।
निश्छल प्रीति हमारी साजन,
सावन-सी मदमाती है।
दुग्धमयी निर्झरिणी-सी ये
देख तुम्हें इठलाती है।।
प्रियवर बसते हो तुम हिय में,
हर पल राह निहारे हैं।
आओ साजन देख रहे पथ
मादक नैन हमारे हैं।।
करते व्याकुल नयन प्रतीक्षा,
कंचन काया मुरझाई।
प्रणय सेज हँसती हैं मुझ पर,
प्रतिपल डसती तन्हाई
मौन अधर, पायल के घुँघरू,
निशदिन तुम्हें पुकारे हैं।
आओ साजन देख रहे पथ,
मादक नैन हमारे हैं।।
खोई मधुऋतु की है सरगम,
दुख के बादल मँडराते।
छाया है घनघोर अँधेरा,
जलते जुगनू घबराते।।
पीड़ाओं के भँवर-जाल में,
डूबे सभी किनारे हैं।
आओ साजन देख रहे पथ,
मादक नैन हमारे हैं।।
परिचय :- मीना भट्ट "सिद्धार्थ"
निवासी...





















