स्वतंत्रता का झंडा
रूपेश कुमार
चैनपुर, सीवान (बिहार)
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भारत के आजादी पर्व को,
मिल-जुलकर हम मनाएंगे,
देश के अमर शहीदों के हम,
जण गण मन दोहराएंगे,
देश के खातिर हम सब अपना
लहू दान कर जाएँगे,
देश के वीर शहीदों पर हम,
इतिहास नया बनवाएँगे
आजादी के दीवाने हम हैं
बस आजादी लाएंगे,
माँ भारती के आँचल की हम
लाज हमेशा बचायेंगे,
केसरी माथे पर बांधा
हरे से उपवन है साजा
सफेदी दिल में बसा कर हम
इस तिरंगे को आसमां तक पहुंचाएगे,
तिरंगे के तीन रंगों का,
अस्तित्व कभी न मिटने देंगे,
बल, शांति और हरियाली,
मतलब अब समझाएँगे,
देश के गद्दारों को,
मिट्टी मे हम मिला देंगे,
जान जाए तो जाए पर,
दुश्मन के आगे शीश नहीं झुकने देंगे,
भगत, सुभाष, चन्द्रशेखर,
महात्मा, गोखले, उधम,
राजेन्द्र, मंगल, लक्ष्मीबाई,
के सपनों को सच कर जाएँगे,
स्वतंत्रता का झंडा हम,
शान से युगों-...

























