कहा गया रिश्तों से प्रेम
डॉ. प्रताप मोहन "भारतीय"
ओमेक्स पार्क- वुड-बद्दी
********************
कहा गया रिश्तों से प्रेम
आजकल रिश्तों से
प्रेम कही खो गया है।
प्रेम से बिछड़े
एक जमाना हो गया है।
********
आजकल बनते हैं
पैसे से रिश्ते
यदि आप धनवान है
तो सब बनायेंगे
आपसे रिश्ते।
*******
सगा गरीब रिश्तेदार भी
किसी को नहीं सुहाता है।
अमीर हो कोई दूर का रिश्तेदार
वह सबको भाता हैं।
*******
आजकल प्रेम की जगह
पैसे ने ले ली है।
दुनियां ने अब पतन
की राह ले ली है।
*******
गरीब रिश्तेदारों से लोग
मुंह फेर लेते है।
और धनवान रिश्तेदार को
चारों तरफ से घेर लेते है।
********
हर रिश्ते में
प्रेम बनकर रखिए
पैसों से
रिश्ते को दूर रखिए।
********
आजकल हर रिश्ते
मतलब से चलते है
अगर काम निकल गया तो
********
बिना प्रेम के रिश्ते
स्थाई नहीं होते
ऐसे रिश्ते है
पानी के बुलबुले जैसे होते ।
********
ह...


















