उस पार
श्रीमती क्षिप्रा चतुर्वेदी
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
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क्या होगा मृत्यु के बाद उस पार
जब बुझ जायेंगें आँखों के दिए
क्या उजाला दिख पाएगा उस पार??
जब धड़कने शांत हो जाएंगीं,
जितना जीवन जी लिया,
क्या उतना ही मरना होगा,
क्या जिया जीवन साथ
ले जाना होगा उस पार??
क्या कर्म किया क्या धर्म था,
यह सब भी निभाना
होगा उस पार?
क्या यात्रा की तैयारी
कर जाना होगा
जैसे जीवन भर
सहेजते रहे, बटोरते रहे,
समान बांधते रहे जरूरी
चीजों के हर यात्रा पर
कुछ जरूरी बाँध कर
ले जाना होगा उस पार??
बही खाता, हिसाब-किताब
में जीवन बिताया
कुछ थोड़ा खुद मरे
कभी कोई निर्दोष मरा
ये सारी वसीयत भी
ले जाना होगा उस पार??
सच-झूठ, राग द्वेष की
परिभाषा नासमझ बन
समझता रहा ये जीवन
क्या इसका अर्थ समझ
आएगा उस पार?
जीवन के बाद मृत्यु तय है
किसकी जीत होगी किसकी हार
जीत परमा...















