सफेद पोश
सुषमा शुक्ला
आबिदजान (अफ्रीका)
********************
आज समाज के सभागारों में
खामोशी का साम्राज्य क्यों है,
सफेदपोश चेहरों पर सन्नाटा,
अंतरमन में आज भी राज क्यों है।
जब अन्याय की आंधी चलती है,
दीपक भी कांपने लगते हैं,
पर विचारों के सूर्य होकर भी,
ये लोग मौन में ढलने लगते हैं।
भीष्म, पांडव, विदुर की तरह
सब दृश्य निहारते रह जाते हैं,
सत्य सामने रोता रहता,
ये कर्तव्य से नज़र चुराते हैं।
कलम जिनकी तलवार थी,
आज म्यान में सोई क्यों है,
विवेक की आवाज़ होते हुए भी,
अंतरात्मा खोई क्यों है।
सम्मानित मस्तिष्कों का मौन,
समाज को पीड़ा देता है,
जब प्रहरी ही सो जाए तो,
अन्याय खुलकर जीता है।
उठो, तुम्हारी वाणी में ही
परिवर्तन का सार छिपा है,
मौन तो केवल बंधन है,
सत्य बोलना ही असली तप है।
परिचय :- सुषमा शुक्ला
जन्म : 25 अप्रैल
निवास : आबिदजान (अफ्रीका)
मू...















