तू न दिल से लगाए तो क्या फायदा
रजनी गुप्ता 'पूनम चंद्रिका'
लखनऊ
********************
२१२ २१२ २१२ २१२
तू न दिल से लगाए तो क्या फायदा
दिल तुझे ही न पाए तो क्या फायदा
बाग़बाँ के लिए लाख कलियाँ खिलीं
लूट भँवरा ले जाए तो क्या फायदा
आपने प्रेम से मुझको देखा नहीं
सारी दुनिया बुलाए तो क्या फायदा
मैं तो .मसरूर तेरी मुहब्बत में हूँ
तू न रग़बत दिखाए तो क्या फायदा
देश बरबाद करते रहे लोग जो
उन पे हीरे लुटाए तो क्या फायदा
आज कातिब ही ग़ालिब हुआ है यहाँ
सत्य लिखना न आए तो क्या फायदा
ख़ूब साक़िब ने देखा मुझे ग़ौर से
फिर भी रजनी न भाए तो क्या फायदा
शब्दार्थ
मसरूर- प्रसन्न
रग़बत- दिलचस्पी
कातिब- लिखने वाला
ग़ालिब- छाया हुआ
साक़िब- चमकता तारा
परिचय : रजनी गुप्ता 'पूनम चंद्रिका'
उपनाम :- 'चंद्रिका'
पिता :- श्री रामचंद्र गुप्ता
माता - श्रीमती रामदुलारी गुप्ता
पति :- श्री संजय गुप्ता
जन्मतिथि व...
























