मेरे साथ
संजय वर्मा "दॄष्टि"
मनावर (धार)
********************
जब योवन पर आती
नदियाँ
मछलियाँ तब नदी के प्रवाह के
विपरीत प्रवाह पर तेरती
छोटी-छोटी धाराओं पर
चढ़ जाती सीधे
नदियाँ मिलना चाहती
समुद्र से
मछलियाँ देखना चाहती
नदियों का उदगम
सागर से मिलती जब नदियाँ
लाती साथ में कूड़ा करकट
सागर को बताने
ऐसे हो जाती है दूषित
प्रदूषण फ़ैलाने वालों इंसानों से
जल को स्वच्छ बनाने के लिए
बहकर जाती नदियाँ
मछलियों से कहती
बस तुम ही तो हो
मुझे स्वच्छ बनाने वाली और
तुम्हारे सहारे ही
मै रहूंगी भी कुछ समय जीवित
तब तक
जब तक तुम रहोगी मेरे जल में
मेरे साथ
परिचय :- संजय वर्मा "दॄष्टि"
पिता :- श्री शांतीलालजी वर्मा
जन्म तिथि :- २ मई १९६२ (उज्जैन)
शिक्षा :- आय टी आय
व्यवसाय :- ड़ी एम (जल संसाधन विभाग)
प्रकाशन :- देश-विदेश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ व समाचार पत्रों मे...

























