अमरत बरसेगा
अजय गुप्ता "अजेय"
जलेसर (एटा) (उत्तर प्रदेश)
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तुम करो राम से प्यार अमरत बरसेगा।
तेरा हो जाये कल्यान अमरत बरसेगा।
सूर्यकुल दशरथ के नंदन,
माता कौशल्या अभिनंदन।
पिता वचन पालनहार, अमरत बरसेगा।
गुरु वशिष्ठ कृपा अपार, अमरत बरसेगा।।१
भार्या जनक नंदनी, नारी पतिव्रता गुनी,
छोडा महल सुख बनी वन अनुगमी।
सप्त वचन जीवन आधार, अमरत बरसेगा।
तुम करो सिया सत्कार, अमरत बरसेगा।।२
मर्यादा को कभी न त्यागो,
मात-पिता की आज्ञा मानो।
होगा तेरा भी उद्धार, अमरत बरसेगा।
तुम करो राम से प्यार, अमरत बरसेगा।।३
करके भगवा वस्त्र धारन,
राम धुन का कर उच्चारन।
होकर प्रसन्न अपार, अमरत बरसेगा।
तुम करो हनुमत से प्यार, अमरत बरसेगा।।४
आदर्शों की ओढ़ चुनरिया,
सत्यमार्ग की चलो डगरिया।
गुरु आज्ञा कर शिरोधार, अमरत बरसेगा।
तुम करो राम से प्यार, अमरत बरसेगा।।५
सिर पर राम पादुका धारन,...

























