अद्भुत आधुनिक नारी
सतीशचंद्र श्रीवास्तव
भानपुरा- भोपाल (म.प्र.)
********************
अखिल भारतीय कविता लिखो प्रतियोगिता
विषय :- "नारी और स्वतन्त्रता की उड़ान"
उत्कृष्ट सृजन पुरस्कार प्राप्त रचना
स्वतंत्रता जिसकी आभारी है,
अद्भुत आधुनिक नारी है।
अजब-गजब परिधानो में भी,
नारी की महिमा न्यारी है।।
गृहस्थी की आधारशिला है,
कर्तव्य पथ स्वीकारी है।
थी, चौका-चुल्हा जिसकी सीमा,
आज, वही बनी दरबारी है।।
सृजना है तो संहारक भी है,
दुष्टों को सदा ललकारी है।
जीवन की चुनौतियों पर,
ये, रही सर्वदा भारी है।।
नारी से जग, जगमग-जगमग,
गरिमा इसकी झलकारी है।
रंग, उमंग, तरंग से सज्जित,
सदैव रही बलिहारी है।।
परिपूरित ये विशेषताओं से,
उन्नति की यात्रा जारी है।
स्वतंत्र परिवेश, बुलंद हौसले,
आसमां छूने की तैयारी है।।
परिचय :- सतीशचंद्र श्रीवास्तव
निवासी : भानपुरा- भोपाल म.प्र.
घोषणा पत्र : मैं यह प्रमा...






















