हमारा बिहार
डाँ. बबिता सिंह
हाजीपुर वैशाली (बिहार)
********************
जिला मोतिहारी बसें, सोमेश्वर महादेव।
एक बार दर्शन करो, दुख सब हरें स्वमेव।।
बैल राज्य का पशु है माना।
शिव वाहन है सब जग जाना।।
सोनपुर लगे मेला भारी।
पशुओं की हो खरीददारी।।
नीले नभ में पंछी घेरा।
वन वृक्षों पर नीड़ वसेरा।।
मधुबन में जब फूल खिले हैं।
गौरैया को मोद मिले हैं।।
गौरैया पक्षी सम्माना।
दे उपाधि जन-जन हरषाना।।
कोयल गावे जब सतरंगी।
भरे उमंगें अति मनरंगी।।
मलय श्वास सौरभ से लेकर।
मदिर आस है अलि के अंतर।।
राज्य पुष्प में गेंदा आता।
हर मौसम में मन भरमाता।।
वृक्ष लता के प्राण अनिल है।
कचनारों पर रंग सकल है।।
कर्म द्वार उदयाचल खुलता।
श्रृंगार हीरक कुंज करता।।
प्रथम विश्व गणराज्य है, माना गया बिहार।
विल्ब वृक्ष में बस रहे, शंकर पालनहार।।
पीपल राज्य वृक्ष में शोभित।
थल नभचर को करता म...



















