चंदन पटली की चौकी पर
अंजनी कुमार चतुर्वेदी
निवाड़ी (मध्य प्रदेश)
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शारदेय नवरात्रि आ गई, अब पांडाल सजे हैं।
घर-घर बंदनवार शोभते, औ रण तूर्य बजे हैं।
माता रानी आज आ रहीं, घर-घर बजे बधाई।
हुआ आगमन शुभ्र शरदका, आज शुभ घड़ी आई।
नवराते माता रानी के, मिलकर सभी मनाते।
वंदनवार फूल मालायें, चुन-चुन पुष्प बनाते।
चंदन पटली की चौकी पर, माता आज बिराजें।
सुंदर कलश सजे हैं प्यारे, मृदु धुन बाजे बाजें।
मंगल गीत गूँजते चहुँ दिश, लगा रहे जयकारा।
सजा हुआ माता रानी का, है पंडाल न्यारा।
भक्त मंडली भजन गा रही, चौकी है माता की।
बनी रहे सारे भक्तों पर, कृपा आज दाता की।
पूजा की थाली लेकर अब, भक्त मंडली जाती।
लाल चुनरिया ओढ़ शीश पर, भजन प्रेमसे गाती।
रक्त पुष्प सँग लाल चुनरिया, माता को भाती है।
भक्त मंडली माँ दुर्गा से, आशीषें पाती है।
माता की चौकी अति प्यारी, माँ को मोहित करती।
मानव के जी...





















