गाय चराना शर्म, कुत्ता घुमाना गर्व
होशियार सिंह यादव
महेंद्रगढ़ हरियाणा
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दुर्भाग्य इस देश में
गाय चराना शर्म है
कुत्ता घुमाना गर्व है,
कुत्ते से मनाते पर्व है।
दुर्भाग्य है इस देश में
गंदगी को गले लगाते,
बुराई को दिल लगाते
गाय नहीं पास बुलाते।
गाय गोबर काम का,
लिपते चूल व चौका
कुत्ता पालकर पाते हैं,
मल उठाने का मौका।
गाय का घी दूध भी
बहुत सेहतमंद होता,
कुत्ता काटे जब कभी,
फिरता रहे जन रोता।
गाय को माता कहते
देश में यह प्रथा रही,
कुत्ते से करते प्यार वे
कहते उसे बाप नहीं?
गाय पालो धर्म काम
मां की सेवा करते हैं
लेकिन ये लोग अब
गायों से ही डरते हैं।
कुत्ता गंदगी करता हैं
घर में कोई काम नहीं,
कुत्ता काटता जब कभी,
मिले कभी आराम नहीं।
अब पाल लो घर गाय
सेहत बुद्धि बढ़ जाएगी,
पूरे जगत में होगा नाम,
खुशियां लौट आएगी।
कुत्ता का मल उठाओ,
नहीं किसी काम का,
कुत्ता रोगों का घर है,
राम का न श्याम का।।
परि...





















